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महाशिवरात्रिके उपलक्ष्यमें स्वयंके दुर्गुण नष्ट करें एवं शिवजीकी कृपा संपादित करें !
अपने देवताओंका उपहास तथा अनादर रोकना ही देवताकी खरी भक्ति करने जैसा है । निम्नलिखित लेखमें शिवजीकी जानकारी, उनका कार्य, उनकी उपासनापद्धति तथा शिवजीकी भक्ति करनेसे होनेवाले लाभ इत्यादिके विषयमें सूत्र देखेंगे ।
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छठपर्व (महापर्व)
छठपर्व बिहार, झारखंड एवं पूर्वी उत्तरप्रदेशमें स्त्री-पुरुषोंद्वारा अत्यंत धूमधाम एवं श्रद्धाके साथ मनाया जाता है ।
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देवदीवाली
देवदीवाली उत्तर भारतमें कार्तिक पूर्णिमापर तथा दक्षिण भारतमें मार्गशीर्ष शुक्ल प्रतिपदापर मनाई जाती है ।
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तुलसी विवाह
यह विधि कार्तिक शुक्ल एकादशीसे पूर्णिमातक किसी भी दिन करते हैं ।
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करकचतुर्थी (करवाचौथ)
कार्तिक कृष्ण चतुर्थी’ को करकचतुर्थी अर्थात् करवाचौथ ‘मनाते हैं ।
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी
श्रीकृष्णजीका जन्म हुआ भाद्रपद कृष्ण अष्टमी पर । इस दिन श्रीकृष्णजीकी तत्त्वतरंगें पृथ्वीपर अधिक मात्रामें आकृष्ट होती हैं ।
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रक्षाबंधन
रक्षाबंधन अर्थात् भाई-बहनके बीच राखी बांधने-बंधवानेका त्यौहार । भविष्यपुराण अनुसार रक्षाबंधन मूलतः राजाओंका था; अब इसे सभी लोग मनाते हैं ।
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नागपंचमी
श्रावण शुक्ल पंचमीके दिन नागपंचमीका त्यौहार मनाया जाता है । इस दिन नागपूजा करनेकी परंपरा है । प्राचीन कालसे ही हिंदु धर्ममें नागपूजाके संदर्भमें उल्लेख पाया जाता है, जो भारतके विभिन्न क्षेत्रोंमें की जाती है ।
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अक्षय-तृतीया
अक्षय तृतीयाके दिन किए गए दान एवं हवनका क्षय नहीं होता; इसलिए इस तिथिको अक्षय तृतीया कहते हैं । इस दिन किए गए दानसे व्यक्तिका पुण्यबल बढता है । फलस्वरूप व्यक्तिको स्वर्गप्राप्ति हो सकती है ।
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हनुमान जयंती
जब भी दास्यभक्तिका सर्वोत्कृष्ट उदाहरण देना हो, तो आज भी हनुमानकी रामभक्तिका स्मरण होता है । प्रभु रामकी सेवाकी तुलनामें शिवत्व एवं ब्रह्मत्वकी इच्छा भी उन्हें कौडीके मोल लगती । हनुमान अर्थात् शक्ति एवं भक्तिका संग ।
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श्रीरामनवमी
‘विद्यार्थीमित्रो, अपना जीवन आनंदी एवं आदर्श रहे’, क्या ऐसी आपकी इच्छा है ? तो इसके लिए आपको स्वयंमें स्थित रावणरूपी दुर्गुणोंका नाश करना होगा, तो ही आपका जीवन श्रीराम समान आदर्श एवं आनंदी होगा ।
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बसंत पंचमी
मां सरस्वती विद्या, बुद्धि, ज्ञान व विवेक की अधिष्ठात्री देवी हैं। उनसे हम विवेक व बुद्धि प्रखर होने, वाणी मधुर व मुखर होने और ज्ञान साधना में उत्तरोत्तर वृद्धि होने की कामना करते हैं।
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मकरसंक्रांति
त्यौहार और व्रतोंको मनानेसे ईश्वरीय शक्ति प्राप्त होती है, जिसके माध्यमसे एक सर्वसामान्य मनुष्य भी ईश्वरकी ओर जा पाता है ।
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बलिप्रतिपदा एवं यमद्वितीया
बलिप्रतिपदापर अभ्यंगस्नान, गोवर्धनपूजन, अन्नकूट तथा मार्गपाली बंधन एवं नगरप्रवेश विधि की जाती है ।
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दशहरा (विजयादशमी)
दशहरा विजयका त्यौहार है। आश्विन शुक्ल दशमीको दशहरा (विजयादशमी) कहा जाता है । दश यानी दस व हरा यानी हार गए हैं ।
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