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बच्चो, भगवानजीका पूजन-अर्चन उपासना आदि करें !
यदि भगवानजीका पूजन हो गया हो, तो स्नानके (नहानेके) उपरांत सर्वप्रथम भगवानजीके सामने खडे होकर हलदी-कुमकुम एवं पुष्प अर्पण करें । अगरबत्तीद्वारा भगवानजीकी आरती उतारें (अगरबत्ती दिखाएं) ।
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बच्चोंकी विविध मानसिक समस्याएं तथा उनपर किए जानेवाले घरेलू उपाय
हम बच्चोंमें सदैव दिखनेवाली तथा जिनपर घरेलू उपाय करने संभव हैं, ऐसी कुछ ओंपर विचार करेंगे ।
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बच्चोंको अच्छी आदतें लगने हेतु उनपर करने योग्य घरेलू मानसोपचार
‘विश्व ही एक रंगभूमि है’, एक मानसशास्त्री कहता है, ‘‘घर ही प्राथमिक रंगभूमि है । वहां कौनसे पात्रको वैâसे निभाना है, यह बच्चे सीखते हैं ।’’
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सोलह संस्कार करनेके उद्देश्य
भारतीय परंपराके अनुसार मनुष्यका प्रत्येक कृत्य संस्कारयुक्त होना चाहिए । सनातन धर्मने प्रत्येक जीवको सुसंस्कृत बनाने हेतु गर्भधारणासे विवाहतक प्रमुख सोलह संस्कार बताए हैं । इन संस्कारोंका उद्देश्य इस प्रकार है -
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बच्चोंपर संस्कार कबसे करें ?
गर्भपर उचित संस्कार कैसे करें ? : मां-पिता एवं परिवारके व्यक्तियोंके सात्त्विक विचारोंका भी गर्भके मनपर प्रभाव पडता है । इस सात्त्विक वातावरणका शिशुके शारीरिक एवं मानसिक विकासपर अच्छा परिणाम होता है ।
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