इंटरनेट अर्थात मायाजालके इस विश्वमें बच्चोंके लिए विविध संकेतस्थल उपलब्ध हैं । विविध दूरचित्रवाहिनियां, विविध संस्थाएं तथा मंडल बच्चोंके व्यक्तित्व विकासके लिए विविध उपक्रम चला रहे हैं । ऐसेमें इस संकेतस्थलमें क्या नया है ?, ऐसा प्रश्न यहां उपस्थित हो जाता है ।
बच्चोंका व्यक्तित्व विकास करना अर्थात उनका अंतरंग विकसित करना । विकासके लिए बच्चोंमें प्रामाणिकता, समयबद्धता, नम्रता जैसे नैतिक मूल्योंका परिचय होना, यह एक ही उद्देश्य न होकर उनका संवर्धन होना भी महत्त्वपूर्ण है । हमारी संस्कृति इतनी महान है कि, विविध कथाओं, राष्ट्रपुरुषोंके उदाहरण, धर्मशास्त्रोंमें बताए अनुसार आचरण करने तथा उन गुणोंको आत्मसात करनेका प्रयत्न करनेसे खरे अर्थमें व्यक्तित्व विकसित होगा ।
`आदर्श सदा प्रेरणा प्रदान करते हैं’, आज बच्चोंके सामने चित्रपट अभिनेता, राजनेता जैसे आदर्श हैं । `द्रष्टा दृष्यवशात् बद्ध:' इस सुभाषितके अनुसार ही दूरचित्रवाहिनियां तथा अन्य माध्यमोंके द्वारा भोगवाद, भ्रष्टाचार, मारपीटका बालमनपर आक्रमण हो रहा है । जाने-अनजाने वही संस्कार उनके अंतर्मनपर हो रहे हैं । आजकलकी एकत्र कुटुंबपद्धति, हीन, व्यस्त तथा अत्यंत भाग-दौडके जीवनमें अभिभावकोंको बच्चेके लिए पर्याप्त समय देना कठिन हो रहा है । ऐसेमें बच्चोंके पालन-पोषणका उत्तरदायित्व कौन लेगा और बच्चोंको सुसंस्कार कौन देगा, यह प्रश्न सामने है ।
इन सर्व बातोंका विचार करनेपर संकेतस्थलकी आवश्यकता ध्यानमें आर्ई तथा हम इस क्षेत्रमें उतरे । `बच्चोंको केवल जानकारी देना', ऐसा इस संकेतस्थलका सीमित उद्देश्य न होकर खरे अर्थमें व्यक्तित्व विकास होनेके लिए संकेतस्थलपर विविध स्तंभ दिए गए हैं । व्यक्तित्व विकास अर्थात शारीरिक, मानसिक तथा बौद्धिक ऐसे स्तरोंपर सीमित न रहते हुए, उसके भी आगे जाकर आध्यात्मिक स्तरपर होना आवश्यक है । हमें सर्वोच्च तथा निरंतर मिलनेवाला सुख अर्थात आनंद केवल अध्यात्मशास्त्र ही दे सकता है । इसके लिए अध्यात्मके अंगोंको यहां प्रस्तुत किया गया है ।
यह सर्व जाननेके लिए व्यक्तित्व विकास खरे अर्थमें हो तथा हमारा मार्गक्रमण आनंदप्राप्तिकी दिशामें हो, यह ईश्वरचरणोंमें प्रार्थना है ! ऐसा हो तो हम समझेंगे कि इस संकेतस्थलका उद्देश्य खरे अर्थमें साध्य हुआ ।
आपके सहयोगकी आवश्यकता !
इस संकेतस्थलकी जानकारी विविध ग्रंथोंसे ली गई है । इस जानकारीमें कुछ त्रुटी रह जानेकी संभावना है । ऐसी कोई छोटीसे छोटी भी त्रुटि आपके ध्यानमें आए, तो कृपया हमें अवश्य बताएं । आपके द्वारा दिखाई प्रत्येक भूल सुधारी जाएगी । साथ ही संकेतस्थलके विषयमें कोई सूचना / परिवर्तन आप सुझा सकते हैं । आप सबके सहयोगसे ही यह संकेतस्थल हमें परिपूर्ण बनाना है ।
February 11, 2013, 10:12 pm
आदरणीय महोदय,
सादर नमस्कार,
मैं काफ़ी समय से आपके संकेतस्थल "बाल संस्कार" को देख रहा हूं। इसमें बच्चोंके व्यक्तित्व विकास के लिए बहुत कुछ दिलचस्प तो होता ही है साथ में ज्ञानवर्धक एवं अपने देश, संस्कृति से जोड़ने वाला भी होता है। इस प्रकार देश धर्म और संस्कृति की सेवा के लिए आपका अभिनन्दन है..